आज के समय में हमारा ज्यादातर वक्त मोबाइल पर ही बीतता है। जहां हमारा आपसी दुनिया से कटाव तथा बाहरी दुनिया से जुड़ाव होता है। एक दिन में देखा जाए तो सोने के अलावा आधे से ज्यादा वक्त हम ऑनलाइन व्यक्त करते हैं। इसी वजह से हमें मानसिक तनाव, बेचैनी, चिड़चिड़ापन तथा आंतरिक खुशी नहीं मिलती है।
ज्यादा से ज्यादा वक्त ऑनलाइन रहने की होड़ में हमने प्रिंट माध्यम जैसे किताब, अखबार व पत्रिका आदि से दूरी बना ली है। जिस वजह से हममें सोचने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति तथा जीवन जीने की गुणवत्ता में कमी आई है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका संबंध किताबों से बना रहे। लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से आप दूर हैं। आज हम जाने वाले हैं कि किताबों के करीब कैसे जाएं और अपना विकास करने की और अग्रसर हो सके।
सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि आप किताबों की दुनिया में खोना चाहते हैं, किताबों की सुगंध महसूस करना चाहते हैं, आप किताबों के द्वारा अपने लक्ष्य को पा सकते हैं।
तो आइए जानते हैं कि किस प्रकार हम किताबों की दुनिया में खो सकते हैं:-
वजह:- सबसे पहले हमें किताब पढ़ने की वजह ढूंढनी होगी।आखिरकार हम किताब पढ़ना क्यों चाहते हैं। वजह एक महत्वपूर्ण पहलू होता है जो हमें लक्ष्य निर्धारण तथा प्राप्त करने में सहायक होता है।
भाषा:- जिस भाषा का ज्ञान आपको अधिक है। उस भाषा की किताबें खरीदे, भाषा कोई भी हो सकती है। उस भाषा का चुनाव ना करें जो भाषा आपको आती ना हो या पसंद ना हो।
रुचि:- हमारे आसपास किताबों की एक दुनिया है जिसमें अनेक प्रकार की किताबें उपलब्ध है आपको जिस प्रकार की किताबों में रुचि है उसी प्रकार की किताब का चुनाव करें। ध्यान रहे किताब ज्यादा मोटी ना हो।
दृश्यता:- आपने किताब का चुनाव कर लिया। अब आपको किताब अपने नजदीक तथा नजर के सामने रखनी है जिससे किताब पढ़ने की इच्छा जागृत होती रहे।
समय:- मैं आपको बता दूं किताब पढ़ने का कोई निश्चित समय नहीं होता है। आप किताब को कभी भी पढ़ सकते हैं, जब भी आप को मौका मिले, चाहे वह वक्त थोड़ा ही क्यों ना हो।
सीमित पढ़ना:- अगर आप सोच रहे हैं कि किताब को एक बार में ही पूरा पढ़ लेंगे तो यह गलती बिल्कुल ना करें। क्योंकि ऐसा करने से किताब के प्रति आपकी रुचि में कमी आएगी। किताबों को थोड़ा-थोड़ा पड़े, रुचि के साथ पढ़े।
पुरस्कार:- आप किताब पढ़ते वक्त खुद को पुरस्कार भी दे सकते हैं जैसे आपने निश्चय किया कितने पन्नों के बाद मैं कुछ समय ऑनलाइन रहूंगा। जो आपकी लालसा दिखाता है।
बातें करें:- जो किताब आप पढ़ रहे हैं। उसके बारे में आप अपने मित्र संबंधी से बात करें। या फिर आपको पता हो कि किसी ने उस किताब को पढ़ी है, तो आप उससे भी चर्चा कर सकते हैं।
इन चीजों को अभ्यास में लाकर आप जल्द ही इसके आदि हो जाएंगे और एक नए विचार के साथ जीना आरंभ कर देंगे।
अगर आप चाहते हैं कि मैं आपको किसी किताब का सुझाव दूं या आप कुछ और जानना चाहते हैं तो आप मुझे से IG: rdx_prabhakar पर जुड़ सकते हैं।
आशा करता हूं की जल्दी आप एक नई दुनिया, किताबों की दुनिया में होंगे।
ज्यादा से ज्यादा वक्त ऑनलाइन रहने की होड़ में हमने प्रिंट माध्यम जैसे किताब, अखबार व पत्रिका आदि से दूरी बना ली है। जिस वजह से हममें सोचने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति तथा जीवन जीने की गुणवत्ता में कमी आई है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका संबंध किताबों से बना रहे। लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से आप दूर हैं। आज हम जाने वाले हैं कि किताबों के करीब कैसे जाएं और अपना विकास करने की और अग्रसर हो सके।
सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि आप किताबों की दुनिया में खोना चाहते हैं, किताबों की सुगंध महसूस करना चाहते हैं, आप किताबों के द्वारा अपने लक्ष्य को पा सकते हैं।
तो आइए जानते हैं कि किस प्रकार हम किताबों की दुनिया में खो सकते हैं:-
वजह:- सबसे पहले हमें किताब पढ़ने की वजह ढूंढनी होगी।आखिरकार हम किताब पढ़ना क्यों चाहते हैं। वजह एक महत्वपूर्ण पहलू होता है जो हमें लक्ष्य निर्धारण तथा प्राप्त करने में सहायक होता है।
भाषा:- जिस भाषा का ज्ञान आपको अधिक है। उस भाषा की किताबें खरीदे, भाषा कोई भी हो सकती है। उस भाषा का चुनाव ना करें जो भाषा आपको आती ना हो या पसंद ना हो।
रुचि:- हमारे आसपास किताबों की एक दुनिया है जिसमें अनेक प्रकार की किताबें उपलब्ध है आपको जिस प्रकार की किताबों में रुचि है उसी प्रकार की किताब का चुनाव करें। ध्यान रहे किताब ज्यादा मोटी ना हो।
दृश्यता:- आपने किताब का चुनाव कर लिया। अब आपको किताब अपने नजदीक तथा नजर के सामने रखनी है जिससे किताब पढ़ने की इच्छा जागृत होती रहे।
समय:- मैं आपको बता दूं किताब पढ़ने का कोई निश्चित समय नहीं होता है। आप किताब को कभी भी पढ़ सकते हैं, जब भी आप को मौका मिले, चाहे वह वक्त थोड़ा ही क्यों ना हो।
सीमित पढ़ना:- अगर आप सोच रहे हैं कि किताब को एक बार में ही पूरा पढ़ लेंगे तो यह गलती बिल्कुल ना करें। क्योंकि ऐसा करने से किताब के प्रति आपकी रुचि में कमी आएगी। किताबों को थोड़ा-थोड़ा पड़े, रुचि के साथ पढ़े।
पुरस्कार:- आप किताब पढ़ते वक्त खुद को पुरस्कार भी दे सकते हैं जैसे आपने निश्चय किया कितने पन्नों के बाद मैं कुछ समय ऑनलाइन रहूंगा। जो आपकी लालसा दिखाता है।
बातें करें:- जो किताब आप पढ़ रहे हैं। उसके बारे में आप अपने मित्र संबंधी से बात करें। या फिर आपको पता हो कि किसी ने उस किताब को पढ़ी है, तो आप उससे भी चर्चा कर सकते हैं।
इन चीजों को अभ्यास में लाकर आप जल्द ही इसके आदि हो जाएंगे और एक नए विचार के साथ जीना आरंभ कर देंगे।
अगर आप चाहते हैं कि मैं आपको किसी किताब का सुझाव दूं या आप कुछ और जानना चाहते हैं तो आप मुझे से IG: rdx_prabhakar पर जुड़ सकते हैं।
आशा करता हूं की जल्दी आप एक नई दुनिया, किताबों की दुनिया में होंगे।

बहुत अच्छा...
ReplyDeleteबिल्कुल सही
Tnku bhai g
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